|
Just another weblog
3 Posts
0 comments
पोस्टेड ओन: 29 Jan, 2012 जनरल डब्बा में
सारे देश में चुनाव का रंग चढा हुआ है। हर पार्टी अपने अपने दांव खेल रही है और भोली भाली जनता को फरमाने की पुरी कोशिश है। लेकिन दोस्तों आज वो समय आ गया है कि हमें स्वयं ही विश्लेषण करना है की क्या करना चाहिए। आज की राजनिति की आग ने गरिबों के हाथ से रोटी छीन ली। बाल मजदूरी पर दिखाने के लिए बङे बङे दावे करते हैं लेकिन आज छोटे छोटे बच्चे काम करने को मजबुर हैं। एक आम आदमी अपने बच्चों को ठीक से खिला भी नही सकता। पढाने की बात तो दुर है। और ये सब हालात बने हैं घोटालेबाजों और चोरो के कारण।
मैं किसी का नाम नही ले रहा सब लोग जानते हैं कि किसने क्या किया है। दो प्रकार के नेता और पार्टी हमारे सामने हैं, एक हैं जो कि जिन्होने हमारे हाथ से रोटी दाल दुध बच्चों की पढाई सब छीन लिया।
अब हमें ही विचार करना है कि किसके हाथ में ताकत दें कहीं उसके हाथ में ताकत ना चला जाये जो उसका प्रयोग हमारे ही उपर करे। धन्यवाद
Rate this Article:
0 प्रतिक्रिया


